Thu. Apr 18th, 2019

अंडरवियर के कलर पर सियासत: भाजपा वाले महिलाओं के सम्मान के हिमायती न बनें क्योंकि…

 

वसीम अकरम त्यागी
समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी का नाम लिए बगैर अंडरवियर का कलर बताया इस पर बवाल मचा हुआ है। जरूर आजम खान ने अनुचित शब्दों का प्रयोग किया है, जो गलत है। आजम खां के इस बयान पर महिला आयोग भी हरकत में आ गया और आजम खान को नोटिस जारी कर दिया।
लेकिन क्या कारण है की हिमाचल प्रदेश के भाजपा के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी को मां की गाली दी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और साफ लफ्जो में कहा कि अगर राहुल गांधी यह कहते हैं कि चौकीदार चोर है तो राहुल गांधी म** है। लेकिन अफसोस की बात है आजम खान के बयान पर छाती कूटने वाले, आजम खां को महिला विरोधी बताने वाले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा एक शहीद प्रधानमंत्री की बहू और एक शहीद प्रधानमंत्री की पत्नी को गालियां देने पर भी खामोश है।
इस पर ना तो महिला आयोग ने कोई एक्शन लिया है और ना ही भाजपा के अंदर मौजूद महिलाओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दी गईं गालियों की निंदा की है। गोदी मीडिया अखिलेश से तो सवाल कर रहा है कि उनकी मौजूदगी में आजम खान ने ऐसा बयान दिया लेकिन एक बार भी उसी गोदी मीडिया ने भाजपा के किसी भी नेता से कोई सवाल नहीं किया की उसने राहुल को म** क्यों कहा?
सुषमा स्वराज आजम खान के बहाने मुलायम सिंह पर निशाना साध रही हैं लेकिन उन्होंने अपनी पार्टी के उस नेता की गालियों पर अपने होंठ सी लिए जिसने खुले मंच से गालियां दी है। क्या आपका महिला प्रेम सिर्फ तभी जागता है जब महिला विरोधी बातें करने वाला दूसरी पार्टी का हो और उससे भी बढ़कर वह समुदाय विशेष से ताल्लुक रखता हो? आखिर इतना दोगलापन कहां से लाते हो? 2016 में यूपी के भाजपा के एक नेता ने बसपा सुप्रीमो मायावती के बारे में भी भद्दी टिप्पणी की थी, जिसके बाद भाजपा ने उस नेता की पत्नी को ना सिर्फ टिकट दिया बल्कि 2017 में जब यूपी में भाजपा की सरकार आई तो उस नेता की पत्नी को मंत्री भी बनाया। कठुआ की दरिंदगी तो आपको याद ही होगी?
आपको यह भी याद होना चाहिए की कठुआ के दरिंदों को बचाने के लिए भाजपा के मंत्री विधायक और कार्यकर्ताओं ने तिरंगा जुलूस निकाला था उसी दौरान उन्नाव के बलात्कारोपी विधायक कुलदीप सेंगर को बचाने के लिए भाजपा सरकार ने एड़ी चोटी एक कर दी थी। महिलाओं के बारे में इतनी घटिया मानसिकता रखने वाले आज आजम खान के बहाने खुद को नारीवादी साबित करने पर तुले हुए हैं, लेकिन अपनी पार्टी के नेताओं के कारनामे क्या उन्हें नजर नहीं आते? उस पर क्यों खामोश हैं?
वे क्यों खामोश हैं हिमाचल प्रदेश के भाजपा के उस नेता पर जो खुले मंच से राहुल गांधी को मां की गाली देता है? वे क्यों खामोश हैं कठुआ के उन दरिंदों पर जिन्होंने एक 8 साल की मासूम के कातिलों और बलात्कारियों को बचाने के लिए तिरंगा यात्रा निकाली थी? वह क्यों खामोश है कुलदीप सेंगर पर? वे क्यों खामोश रहे योगी सरकार मे मंत्री स्वाती सिंह के पति की हरकत पर? वे क्यों खामोश है हिमाचल प्रदेश के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती पर?
यह है तो सबके लिए हो यह जिद हमारी है
इसी एक बात पर दुनिया से जंग जारी है।

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